पंचायती राज चुनाव से पहले सरकार ने प्रदेश में पंचायतों के पुनर्गठन की प्रक्रिया पूरी कर दी है। अब प्रदेश में कुल 3773 ग्राम पंचायतों को अंतिम रूप से अधिसूचित कर दिया गया है। साथ ही पंचायती राज विभाग ने 64 नई पंचायतों को भी आधिकारिक मंजूरी दे दी है।
आगामी पंचायत चुनावों में प्रदेश की इन सभी पंचायतों में प्रधान और उपप्रधान पदों के लिए मतदान होगा। इसके अलावा 91 पंचायत समितियों और 12 जिला परिषदों के प्रतिनिधियों का चुनाव भी कराया जाएगा। सरकार ने चुनावी प्रक्रिया को 31 मई से पहले पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।
पंचायती राज विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि 25 मार्च तक वार्डों का परिसीमन पूरा कर लिया जाए। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को 30 मार्च से पहले आरक्षण रोस्टर जारी करने और चुनाव से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि पिछले पंचायत चुनावों के समय प्रदेश में 3615 पंचायतें थीं। बाद में कुछ पंचायतों का शहरी निकायों में विलय हुआ, जबकि बढ़ती जनसंख्या और प्रशासनिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए पांच चरणों में 200 नई पंचायतों का गठन किया गया।
विभाग का कहना है कि नई पंचायतों के बनने से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी और लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ पंचायत स्तर पर ही आसानी से मिल सकेगा।
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